शेयर मार्केट किंग वारेन बफेट जिन्होंने अपनी 85 % सम्पति दान कर दी

वारेन बफेट को शेयर्स का जादूगर भी कहा जाता है | उनकी प्रसिद्धि का कारन ये नहीं की वे 85 बिलियन डॉलर की सम्पति के साथ दुनिया के तीसरे सबस अमीर इंसान है | बल्कि उनकी प्रसिद्धि का कारन ये है की वे दुनिया के सबसे दानवीर व्यक्ति है | वारेन ने अपनी सम्पति का 85 % से भी अधिक दान कर दिया है |  बहुत छोटी सी उम्र से ही शेयर की गणित को समझने वाले वारेन बफेट को ताश खेलना काफी पसंद है और वे अपने खास दोस्त और दुनिया के दूसरे सबसे अमीर इंसान बिल गेट्स के साथ इसे खेलना पसंद करते है | 

कौन है वॉरेन बफेट

वारेन बफेट बक़शायर हैथवे के 35 % शेयर के मालिक है | बफेट ने केवल 11 साल में अपना पहला निवेश किया | वॉरेन बफेट का जन्म 30 अगस्त 1930 को ओहायो नेब्रास्का में पैदा हुए | इनके पिता हॉवर्ड बफेट एक शेयर व्यवसायी थे | और अपने पिता के नक़्शे कदम पर चलते हुए इन्होने भी शेयर बाजार को अपना कार्यक्षेत्र बनाया | इन्होने केवल 11 साल की उम्र में ही अपनी जेब खर्च के लिए न्यूज पेपर बाँटना, चुइंगम और कोका कोला की केन बेचकर पैसा इकट्ठा करते थे | जब ये 13 साल के हुए तब इन्होने पहली बार अपना आयकर रिटर्न दाखिल किया था | इन्होने अपने आयकर में अपनी साइकिल पर लगाए 35 डॉलर का घाटा बताया था | 

आपको भले ही लगे की वे बफेट बहुत कम उम्र में कमाने लग गए थे | लेकिन उन्हें हमेशा यह लगता था की उन्होंने पैसा कमाने में बहुत देर कर दी | 

वॉरेन बफेट अपनी सफलता का श्रेय किसे देते है

वॉरेन बफेट शेयर मार्किट में अपनी सफलता का श्रेय बेंजामिन ग्राहम को देते है | बफेट उन्हें अपना गुरु भी मानते है | वॉरेन बफेट में अपनी सबसे पहली नौकरी बैंजामिन ग्राहम के यहाँ 1200 डॉलर में की थी | बेंजामिन के पास रहकर वॉरेन बफेट ने निवेश की कई बारीकियां सीखी | लेकिन उनके ज्वाइन करने के 2 साल बाद बेंजामिन ग्राहम रिटायर हो गए और तभी वॉरेन बफेट ने भी नौकरी छोड़ अपना स्वय को बिजनेस शुरू किया | 

वॉरेन बफेट की सफलता की कहानी

वॉरेन बफेट की बचपन से ही बचत करने की आदत रही | और इसी आदत के चलते हुन्होने अपनी जमा पूंजी का निवेश किया | बेंजामिन ग्राहम के यहाँ काम करने के दौरान भी उन्होंने करीब 1,40,000 डॉलर की बचत की थी | और वहां से नौकरी छोड़ने के बाद उन्होंने इन्ही पैसो से बफेट पार्टनरशिप लिमिटेड के नाम से एक निवेश फर्म बनाई | और इसके बाद कदम दर कदम इनके सही निवेश से इन्होने अरबों की सम्पति अर्जित की | 1962 में इन्होने एक वस्त्र निर्माता कम्पनी बर्कशायर हैथवे के अधिकांश शेयर खरीदकर उसके बोर्ड ऑफ़ डाइरेक्टर में शामिल हो गए | और इसके बाद इनकी पूजी बहुत तेजी से बड़ी और इनकी गिनती अमेरिका के सबसे अमीर लोगों में हुई | वर्ष 2008 में ये  बिल गेट्स को पीछे छोड़ दुनिया के सबसे अमीर व्यक्ति बन गए | 

वॉरेन बफेट और बिल गेट्स की मुलाकात

वॉरेन बफेट और बिल गेट्स अच्छे दोस्त है और अक्सर ये मिलते रहते है | इनकी पहली मुलाकात भी बेहद रोचक है | वॉरेन बफेट से मिलने के लिए बिल गेट्स ने केवल आधा घंटा निश्चित किया था | बिल गेट्स को तब ये लगता था की उन दोनों के स्वाभाव में बहुत अंतर है और उन दोनों की ज्यादा देर बन नहीं पाएगी | लेकिन जब दोनों की मुलाकात हुई तो आधे घंटे की जगह यह मुलाकात 10 घंटे चली | और ये बहुत अच्छे दोस्त बन गए | वॉरेन बफेट ने वर्ष 2006 में बिल गेट्स और उनकी पत्नी मेलिंडा गेट्स के परोपकारी n.g.o में अपनी 85 % सम्पत्ति दान कर दी | 

वॉरेन बफेट का परिवार

वॉरेन बफेट ने 22 साल की उम्र में सुसान थॉम्पसन से शादी कर ली थी | इस शादी से इनके 3 बच्चे हुए सुशी, हॉवर्ड और पीटर | लेकिन 1977 में ये अपनी पत्नी से अलग होकर रहने लगे थे | उनकी पत्नी सुसान की 2004 में निधन हो गया था | 

वॉरेन बफेट इस बात पर विश्वास करते है की सम्पत्ति और जायदाद एक पीढ़ी से दूसरी पीढ़ी में हस्तांतरित नहीं होनी चाहिए | उन्होंने एक इंटरव्यू के दौरान कहा था की मैं अपने बच्चो को इतना देकर जाना चाहता हु की वे जो चाहे वो कर सके लेकिन इतना भी नहीं देकर जाना चाहता हु की वे बिलकुल निठल्ले ही हो जाये | 

वॉरेन बफेट की सलाह

 उन्होंने कुछ टिप्स दिए जो की हर व्यक्ति के जीवन में बदलाव ला सकती है | 

  1. कभी भी नदी की गहराई को दोनों पैरो से नहीं नापना चाहिए | 
  2. ईमानदारी सबसे महंगा तोहफा है और छोटे लोगो से इसकी उम्मीद ना करें | 
  3. खर्च करने के बाद जो बचे उसे सेव ना करें, बल्कि सेव करने के बाद जो बचे उसे खर्च जरूर करें | 
  4. यदि आपको जिस चीज की जरुरत नहीं अगर आप उसे खरीद रहे है तो आपको एक दिन जिन चीजों की आपको जरुरत है उन्हें बेचना पड़ेगा | 

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