क्या है प्रेगनेंसी के शुरआती लक्षण

हर विवाहित महिला के लिए माँ बनना एक सुखद एहसास होता है | प्रेगनेंट  होने के साथ ही गर्भ में भ्रूण के बनने की शुरआत होती है  और उसके बाद उसका विकास होता है | इसलिए गर्भवती होने के शुरआती महीनों में  महिलाओ को खास देखभाल और सावधानी की जरुरत होती है | लेकिन  कई बार जानकारी के आभाव में महिलाओ को पता ही नहीं चल पता है की वे प्रेगनेंट है | वैसे तो आजकल बाजार में कई तरह के प्रेगनेंसी टेस्ट करने के उपकरण और दवाइयाँ आती है | लेकिन इनके अलावा भी आप कुछ बातों  का ध्यान रखकर जान सकती है की आप प्रेगनेंट है या नहीं | दरअसल प्रेग्नेंट होने के साथ ही शरीर कई बदलावों से गुजरता है |  शरीर के इन शुरआती लक्षणों से प्रेगनेंसी का पता चलता है | आईये तो जानते है की क्या है प्रेगनेंसी के शुरआती लक्षण |

1. पीरियड न आना

 यदि आपको पीरियड नहीं आ रहे है तो इस बात की काफी सम्भावना है की आप  प्रेगनेंट है | हर महीने गर्भ में अंडो के आरोपण का एक मोटा स्तर  बनता है लेकिन जब इन्हे निषेचित होने के लिए शुक्राणु नहीं मिलते है तब ये अंडाणु रक्त के रूप में योनि से बहार निकलते है जिसे माहवारी कहते है | इसलिए समझ ले जब पीरियड नहीं आ रहे हो तो आपके प्रेग्नेंट होने की  सम्भावना अधिक है | 

2. स्तनों में भारीपन

प्रेगनेंसी  के  शुरआती हफ्तों में शरीर में एस्ट्रोजन और प्रोजेस्टेरोन हार्मोन बढ़ जाते है जिसकी वजह से शरीर में बदलाव देखने को मिलते है|  इस समय स्तनों में भारीपन और सूजन आती है साथ ही हार्मोन के प्रभाव से  निप्पल का रंग गहरा हो जाता है | ऐसे समय में महिलाओ को सही साइज की ब्रा पहननी चाहिए |

3. उल्टी और मितली आना

प्रेगनेंसी के शुरआती महीनों में  महिलाओं को अधिक उलटी आती है | शरीर में एस्ट्रोजन हार्मोन की वजह से कुछ महक की वजह से भी उलटी आती है | हार्मोन के प्रभाव से पेट ख़राब रहता है और कब्ज बढ़ता है जिसकी वजह से बार बार मितली और उलटी आती है |

4. थकान  होना

प्रेगनेंसी के शुरुआती 3 महीनो में भ्रूण का सबसे अधिक विकास होता है और शरीर में हार्मोन की वजह से शारीरिक बदलाव भी होते है |  भ्रूण के सही तरह से विकास के लिए शरीर में रक्त तेजी से बहने लगता है और दिल की धड़कन भी बढ़ जाती है और शरीर जल्दी थक जाता है | यही वजह है की प्रेगनेंसी के दौरान महिलाओ को अधिक थकान होती है |

5. सिर में दर्द होना

प्रेगनेंसी  के दौरान हर्मोन में बदलाव और सिर में रक्त प्रवाह तेज होने की वजह से भी सर में दर्द रहने लगता है | शुरआती महीनो में यह समस्या अधिक रहती है लेकिन धीरे धीरे यह समस्या ख़त्म हो जाती है |

6.  मूड चेंज होना

शरीर में हो रहे हार्मोन्स के बदलावों की वजह से महिलाओं  के मूड में भी परिवर्तन आता रहता है | कभी अधिक खुश हो जाना या छोटी बात पर गुस्सा हो जाना इसके आम बदलावों में से है|

7.  शरीर का तापमान बदलना

प्रेगनेंसी के वक्त रक्त प्रवाह तेज होने की वजह से शरीर का तापमान भी सामान्य से अधिक बना रहता है |

8. पेशाब अधिक आना

प्रेगनेंसी के दौरान किडनी में रक्त प्रवाह तेज होने के कारन मूत्राशय में जल्दी जल्दी पेशाब भर जाता है | जिसकी वजह से कम  समय में अधिक पेशाब आता है |  जैसे जैसे बच्चे का विकास होता जाता है ब्लेडर पर भी दबाव बढ़ने लगता है जिसकी वजह से पेशाब अधिक आता है |

9. खाने में अरुचि होना

प्रेग्नेंसी के दौरान हार्मोन्स की वजह से मुँह का स्वाद भी कड़वा हो जाता है | कई बार खाना खाने में अनिच्छा भी होती है | और इस समय खट्टी और मसाले वाली चीजे खाने का मन करता है |

10. पीठदर्द

अगर आपको पहले कभी भी पीठ दर्द नहीं हुआ हो और अचानक से आपकी पीठ में दर्द रहने लगा हो तो ये प्रेगनेंसी के लक्षण भी हो सकते है |  इस समय लिग्जमेंट लूज़ होने की वजह से आपकी पीठ में हल्का दर्द हो सकता है | प्रेगनेंसी के दौरान  वजन बढ़ता है और आपके उठने बैठने के पोस्चर में भी परिवर्तन आता है| इसके कारन भी आपकी पीठ में दर्द हो सकता है |

प्रेगनेंसी के दौरान ख्याल रखे इन बातों का

1. प्रेगनेंसी के दौरान अपने खाने में फलों और सब्जियों को शामिल करें |

2. अधिक ठंडा और गरम खाना खाने से  बचें |  फ्रिज में रखे खाने से तो दूर ही रहें |

3. शराब और धूम्रपान ना करें |

4. बच्चे की हड्डियों के विकास के लिए विटामिन बी का सेवन करें |

5. डॉक्टर की सलाह से प्रोटीन, विटामिन और पर्याप्त मात्रा में कैलोरी लें |

6. समय समय पर डॉक्टर से मिलते रहे और किसी भी बीमारी में कोई भी दवाई बिना डॉक्टर के परामर्श के न लें |

अगर आपको हमारी यह पोस्ट पसंद आयी हो तो इसे लिखे करें | और आपके पास भी प्रेगनेंसी  के लक्षण जानने की कोई जानकारी हो तो हमें कमेंट में लिख भेजें | 

Leave a Comment