जिन्ना नहीं इस व्यक्ति का हाथ था पाकिस्तान बनने के पीछे

भारत और पाकिस्तान में आजादी के बाद से ही तनाव चरम पर रहा है | अब तक 4 बड़ी लड़ाईया भारत और पाकिस्तान के बिच हो चुकी है | लेकिन आज भी सरहदों के दोनों पार के लोगों को लगता है की अगर दोनों देश आज एक होते तो यहाँ की सूरत ही अलग होती | ऐसे में ये सोचना लाजमी है क्या वजह है की किसी समय एक रहे ये दोनों देश अलग होकर सबसे बड़े दुश्मन बन गए | 

पाकिस्तान दो शब्दों को मिलाकर बना है पाक और स्थान | जिसका मतलब होता है पाक यानि की पवित्र स्थान | लेकिन आज के दौर में देखा जाये तो आज का पाकिस्तान दहशतगर्दों की पनाहगाह बना हुआ है | पाकिस्तान का निर्माण 14 अगस्त 1947 को हुआ था | और इसे बनाने का श्रेय मोहम्मद अली जिन्ना को जाता है | लेकिन पाकिस्तान बनाने का पहला विचार मुहम्मद इक़बाल के मन में आया था और उन्होंने इंडियन मुस्लिम लीग के इलाहबाद में होने वाले सत्र में 29 दिसंबर 1930 को सबसे पहली बार भारत विभाजन और पाकिस्तान के प्रस्ताव रखा था |   और इक़बाल के नेतृत्व में ही मुस्लिम लीग ने 1930 में पाकिस्तान बनाने की मांग उठायी | 

पाकिस्तान बनाने के लिए किसने और कब रखा प्रस्ताव

जब मुस्लिम लीग के अधिवेशन में पाकिस्तान बनाने का प्रस्ताव रखा गया उस समय तक जिन्ना भारत में नहीं थे वे उस समय इंग्लैंड में थे | इंग्लैंड जाने की वजह से उनके कांग्रेस से मतभेद थे | जिन्ना एक काबिल वकील थे और राजनीती में भी उनकी अच्छी पकड़ थी | 1916 में उन्होंने कांग्रेस के एक नेता के रूप में अपने राजनितिक कैरियर की शुरुआत की थी | लेकिन बाद में जिन्ना को ऐसा लगने लगा की कांग्रेस नेतृत्व भारत के मुसलमानों के प्रति उदासीन है | इसलिए वे 1920 में  कांग्रेस छोड़ इंग्लैंड चले गए | और उन्होंने मुस्लिम लीग का दामन थाम लिया | 1927 में साइमन कमीशन के विरोध के समय उन्होंने कांग्रेस और मुस्लिम लीग दोनों के नेताओं से बातचीत की | जंहा मुस्लिम लीग चाहती थी की मुसलमानों के लिए अलग निर्वाचन क्षेत्र बनाये जाये वही कांग्रेस इसके विरोध में थी |  1929 में उनकी बीवी के इंतकाल के  बाद जिन्ना दुखी रहने लगे | और एक बार जब लन्दन गए तो लोट कर नहीं आये | 

लेकिन इधर दूसरी और मुस्लिम लीग ने इक़बाल के नेतृत्व में 29 दिसम्बर 1930 में भारत का विभाजन और सिंध, बलूचिस्तान, पंजाब और पश्चिमोत्तर सीमांत प्रान्त को मिलाकर मुसलमानों के लिए एक अलग राष्ट्र की मांग की | 

मुस्लिम लीग के 1940 के प्रस्ताव में क्या था ?

मुस्लिम लीग के उस समय के बड़े नेता आगा खान, चौधरी रहमत अली और मोहम्मद इक़बाल ने जिन्ना को भारत आकर मुस्लिम लीग का कार्यभार सँभालने के लिए पुरजोर आग्रह किया | ऐसे में 1934 में मोहम्मद जिन्ना भारत लौट आये | भारत आकर उन्होंने मुस्लिम लीग का पुनर्गठन किया | उस दौर में लियाकत अली खान जिन्ना के दाये हाथ के तौर पर काम करते थे | 1940 में मुस्लिम लीग ने एक प्रस्ताव पास किया और पाकिस्तान बनाने की पुरजोर मांग की और साथ ही यह भी कहा की अगर पाकिस्तान का निर्माण नहीं होगा तो भारत में दंगे हो जायेंगे | 

5000 लोग मारे गए थे बंगाल में

यह वह समय था जब मुस्लिम लीग के कारन हिन्दू और मुसलमानों के बिच खायी गहरी होती जा रही थी | 1946 में मुस्लिम लीग ने अपने पाकिस्तान बनाने के अभियान को और तेज करते हुए सिंधी कार्यवाही दिवस मनाया जिसकी वजह से बंगाल और खासकर कलकत्ता में भीषण दंगे हुए जिसकी वजह से करीब 5000 लोग मारे गए | ऐसे में कांग्रेस जो की भारत के बंटवारे के पक्ष में नहीं थी उसे भी गाँधी जी के विरोध के बावजूद इसका समर्थन करना पड़ा | और भारत के विभाजन लाइन खींचने की जिम्मेदारी लन्दन के एक नामी वकील सर सिरिल रेडक्लिफ को दी गयी | जिन इलाको में हिन्दू बाहुल्य था उन्हें भारत में और जिनमे मुस्लिम बहुसंख्यक थे उसे पाकिस्तान में शामिल किया गया | 

इसके अलावा अंग्रेजो के भारत के विभिन्न राज्यों से अलग अलग समझौते थे इसलिए उन्हें आजादी दी गयी की वो किसी भी देश में शामिल हो सकते है | 

5 लाख लोगों का क़त्ल और 1 लाख महिलाओं का बलात्कार हुआ

लेकिन इस फैसले को करके अंग्रेजो ने भारत को हिंसा के ऐसे दलदल में धकेल दिया था जिसका खामियाजा दोनों और की लाखों जनता को अपनी जान देकर चुकानी पड़ी | बंटवारे के बाद दोनों और से आदमियों का आदान प्रदान हुआ | पाकिस्तान में से हिन्दू भारत आये और भारत में से मुस्लिम पाकिस्तान गए | लेकिन यह कोई आसान नहीं था | उस समय पलायन के दौरान भयंकर मारकाट मची थी | पाकिस्तान से आयी एक ट्रैन में केवल हिन्दुओ और सिक्खों के लाशें थी | इसके अलावा भारत में बड़ी संख्या में मुसलमानो को मारा गया था | एक अंदाज है की तक़रीबन 5 लाख से भी अधिक जाने इस दौरान गयी थी | और करीब 1 लाख से भी अधिक महिलाओं का बलात्कार किया गया था उन्हें गुलाम बना लिया गया था |  

आज किस हालात में है पाकिस्तान

यह एक ऐसी त्रासदी थी जिसकी बड़ी वजह अंग्रेजो का जल्दबाजी और अदूरदर्शी निर्णय था | और इस तरह से बंटवारा हुआ और 14 अगस्त को पाकिस्तान बना और अगले दिन 15 अगस्त को भारत आजाद हुआ | लेकिन 1947 से लगी वह हिंसा की आग 4 बड़ी लड़ाइयों के बाद भी शांत नहीं हुई | जहां भारत ने अपने आप को दुनिया में ना सिर्फ सैन्य और आर्थिक और टेक्नोलॉजी में भी अपने को ऊँचा स्थान दिलाया | वही पाकिस्तान का ध्यान सिर्फ भारत को अस्थिर करने और हिंसा फ़ैलाने और कश्मीर में आतंकवादियों को भेजने में लगाया | यही वजह है की आज पाकिस्तान एक असफल राष्ट्र है और उसके आर्थिक हालात बेहद खराब है | 

निष्कर्ष

इसी के साथ हम उम्मीद करते है की आज का यह लेख आपको जरूर पसंद आया होगा | अगले लेख में हम आपको बताएंगे भारत और पाकिस्तान के बिच विवाद की असली जड़ कश्मीर विवाद के बारे में | अगर आपको हमारा यह आर्टिकल पसंद आया हो तो इसे शेयर करें | अगर कोई सवाल या सुझाव हो तो कमेंट करें |

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